कोलकाता , फरवरी 21 -- वाम राजनीति में हलचल मचाते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ( माकपा) नेता प्रतीक-उर रहमान शनिवार दोपहर औपचारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्हें पार्टी का झंडा अभिषेक बनर्जी ने सौंपा।

श्री प्रतीक-उर रहमान का तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का यह कार्यक्रम आमतला में डायमंड हार्बर सांसद के कार्यालय के बाहर सड़क पर आयोजित हुआ, जिसे राज्य की राजनीति में अभूतपूर्व माना जा रहा है।

गौरतलब है कि श्री रहमान ने पिछले लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से माकपा के टिकट पर श्री बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। तृणमूल में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि वह संगठन के लिए काम करना चाहते हैं और उन्होंने कोई चुनावी टिकट नहीं मांगा है।

श्री बनर्जी ने भी दावा किया कि श्री रहमान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि टिकट की पेशकश भी की जाए तो वह स्वीकार नहीं करेंगे।

उधर, श्री बनर्जी के साथ सार्वजनिक रूप से दिखने के कुछ ही घंटों के भीतर माकपा ने पार्टी संविधान के अनुच्छेद 19 (उपधारा 56) के तहत श्री रहमान को निष्कासित कर दिया। आंतरिक कार्रवाई के तहत आमतला स्थित एसएफआई कार्यालय में उन्हें आवंटित लॉकर से उनका नाम भी हटा दिया गया।

सड़क पर शामिलीकरण को लेकर श्री बनर्जी ने कहा कि श्री रहमान ने माकपा को सड़क दिखा दी। वहीं, श्री रहमान ने कहा कि सड़क ही रास्ता दिखाने का प्रतीक है। "डील" के आरोपों को खारिज करते हुए श्री बनर्जी ने कहा कि प्रतीक-उर रहमान ने किसी से टिकट की मांग नहीं की और केवल संगठन में काम करना चाहते हैं।

श्री बनर्जी ने माकपा पर लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ता को "गद्दार" बताने को लेकर असहिष्णुता का आरोप लगाया। उन्होंने वाम दल की वैचारिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और मतदाता सूची पुनरीक्षण और लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर उसके रुख की आलोचना की।

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