लखनऊ , फरवरी 2 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की वास्तविक शक्ति उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और प्रमाणित बीजों में निहित है। उन्होंने प्रदेश के लिए एक नई और आधुनिक 'बीज नीति' तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि भूमि जोत लगातार घट रही है, ऐसे में रकबे के बजाय प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित रणनीति अपनानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च उपज देने वाली, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों का विकास प्रदेश की कृषि को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। उन्होंने अगले पाँच वर्षों के लिए बीज उत्पादन, गुणवत्ता और उपलब्धता को नए स्तर पर ले जाने हेतु ठोस रोडमैप बनाने पर जोर दिया।

उन्होने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों तक पहुँचने वाला हर बीज पैकेट प्रमाणित, परीक्षणित और मानक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी और अमानक बीजों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए बीजों की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए, ताकि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह पारदर्शी हो।

योगी ने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, उपकार और निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म-रिलीज की प्रक्रिया तेज़ होगी और प्रदेश संकर बीजों में बाहरी निर्भरता से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकेगा।

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