रायपुर , जनवरी 29 -- ) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त प्रमाण है।
श्री रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल को लेकर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रगति पोर्टल केवल बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म न्यूनतम सरकार - अधिकतम शासन की अवधारणा को व्यवहार में साकार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्व में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है, जिसके पीछे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रगति पोर्टल केंद्र और राज्यों के बीच योजनाओं और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत सेतु बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि प्रगति का अर्थ प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है, यानी योजनाओं की पूर्व तैयारी कर उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। यह प्लेटफॉर्म केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है। पहले कई परियोजनाएं वर्षों तक लंबित रहती थीं, लेकिन प्रगति प्लेटफॉर्म ने इस प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें की जा चुकी हैं। इन बैठकों के जरिए कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं, लंबित परियोजनाओं और नागरिकों से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया गया है। अब तक देशभर में लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति मिली है। इसके साथ ही एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी प्रगति प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। राज्य में वर्तमान में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। प्रगति पोर्टल पर राज्य से संबंधित 200 मुद्दे दर्ज किए गए, जिनमें से 183 का समाधान किया जा चुका है, जिससे राज्य की समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पावर, सड़क परिवहन, रेलवे, कोयला और स्टील जैसे क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया गया है। पावर सेक्टर के 24, सड़क परिवहन और राजमार्ग के 23, रेलवे के 14, कोयला सेक्टर के 7 और स्टील सेक्टर के 9 प्रोजेक्ट्स का समाधान प्रगति पोर्टल के माध्यम से हुआ है।
उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को भी प्रगति प्लेटफॉर्म से गति मिली है, जिससे औद्योगिक विकास को बल मिला और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बने। रायपुर-कोडेबोड़ फोरलेन परियोजना में आ रही भूमि उपयोग और सामग्री आपूर्ति संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित