नासिक , फरवरी 26 -- महाराष्ट्र के नासिक जिले में थोक बाजारों में प्याज की औसत कीमतों के गिरने से परेशान किसान अब धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हो गए हैं। प्याज का दाम गिरकर 700 से 900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि यह कीमतें बहुत कम हैं और इससे पैदावार लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि प्याज का न्यूनतम भाव 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। इसके साथ ही, कम दरों पर बेचे गए प्याज के लिए 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी देने की भी मांग उठाई गई है।
चांदवड़ तालुका में किसान 23 फरवरी से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस विरोध प्रदर्शन को कई किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिल रहा है। किसानों का तर्क है कि बीज, उर्वरक, दवाइयां, श्रम और परिवहन की लागत में भारी वृद्धि हुई है, जबकि इसके उलट प्याज और मक्का की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चांदवड़ कृषि उपज मंडी समिति में प्याज की नीलामी के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद, किसान मंडी परिसर के भीतर ही अनशन पर बैठ गए। जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ रहा है, बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल के न्यायोचित मूल्य की मांग के साथ इस विरोध में शामिल हो रहे हैं।
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