पौड़ी , अप्रैल, 27 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को प्रेक्षागृह, पौड़ी में प्रशिक्षण सह-सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया। इस दौरान विभिन्न संगठनों और प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने पंचायतों को अधिक वित्तीय अधिकार देने, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।

प्रभारी मंत्री कौशिक ने संबोधन में कहा कि गांव विकास की मूल इकाई हैं और राज्य की प्रगति का आधार ग्रामीण क्षेत्र हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की नियमित समीक्षा कर जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक आदर्श गांव विकसित करने और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से विशेष योजनाएं संचालित करने पर जोर दिया।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्वच्छता, साक्षरता और नशा मुक्ति जैसे अभियानों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने का आह्वान किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष बुटोला ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि में सहायक होते हैं, जिससे विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो पाता है।

कार्यक्रम का संचालन गणेश खुगशाल 'गणी' द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, एएमए भावना रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष पंकज पोखरियाल सहित विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, प्रधान एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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