हरिद्वार , फरवरी 27 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में प्रस्तावित 21 किलोमीटर लंबी मेट्रो पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना को लेकर शुक्रवार को सचिव आवास आर राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों के साथ परियोजना के प्रस्तावित रूट का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि परियोजना की कुल लंबाई 20.74 किलोमीटर होगी, जिसमें 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 15 फरवरी 2023 को उत्तराखंड सरकार की मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिल चुकी है।
परियोजना के लिए कुल 4.8743 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है, जिसमें निजी और रेलवे भूमि भी शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लागू होने से शहर में लंबे समय से चली आ रही यातायात जाम की समस्या से राहत मिलेगी। यह ऑन-डिमांड, चालक-रहित और पूर्णतः स्वचालित इलेक्ट्रिक प्रणाली होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। नियंत्रित गाइडवे पर संचालन होने से सुरक्षा मानक भी उच्च रहेंगे।
निरीक्षण भारत माता मंदिर से प्रारंभ होकर शांतिकुंज, मोतीचूर, खड़खड़ी भीमगोड़ा, ललतारों ब्रिज, वाल्मीकि चौक, मनसा देवी रोपवे गेट, अपर रोड और हर की पौड़ी क्षेत्र तक किया गया। हर की पौड़ी स्टेशन पर विस्तृत समीक्षा के बाद दीन दयाल पार्किंग स्थल पर प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे (मां चंडी देवी व मनसा देवी मंदिर) के लोअर टर्मिनल का भी सर्वेक्षण किया गया।
इसके अलावा ऋषिकुल और सीतापुर क्षेत्र में प्रस्तावित स्टेशन, पार्किंग व डिपो के लिए चिन्हित भूमि का भी निरीक्षण किया गया।
सचिव आवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप परियोजना को शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा आवश्यक राजकीय भूमि के हस्तांतरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए, ताकि कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू हो सके।
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