पटना , मार्च 18 -- बिहार सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में चयनित पैक्सों एवं किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य पैक्सों के माध्यम से गाँव के लोगों के लिए गाँव में ही रोजगार सृजन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।सभी प्रतिभागियों को वर्त्तमान में व्यवसाय करने में आने वाली विभिन्न चुनौतियों के समाधान के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। उन्हें नए व्यवसाय के अवसरों एवं इसमें उनकी भूमिका, कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी, क्रियाशील पूँजी की व्यवस्था, विपणन की व्यवस्था, आदि के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई एवं उनकी पृच्छाओं का भी समाधान किया गया।

महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उड़ीसा एवं झारखण्ड आदि राज्यों के पैक्सों एवं एफपीओ द्वारा किए जा रहे सफल कार्यों को वीडियो कॉल के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को दिखाया गया, जो प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणास्रोत का माध्यम बना। कार्यशाला में जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट उत्पादन एवं पैकेजिंग, पॉली हाउस, तेल मिल, दाल मिल, मसालों का प्रसंस्करण, प्याज एवं टमाटर का उत्पादन, मक्का आधारित उत्पाद आदि जैसे विभिन्न ग्रामीण उद्योगों से संबंधित जानकारी दी गई।

इस तीन दिवसीय कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी प्रशिक्षक के रूप में शामिल हुए तथा उन्होंने भी अपने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

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