बेंगलुरु , जनवरी 21 -- कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बृहत बेंगलुरु प्राधिकरण के चुनावों के लिए पेपर बैलेट पर वापस लौटने के राज्य सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि यह कदम मतदाताओं के भरोसे को कमजोर करता है और शहर की तकनीकी विरासत के लिए खतरा पैदा करता है।
श्री अशोक ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह फैसला चुनावी सुधार या निष्पक्षता के बजाय डर और राजनीतिक असुरक्षा को दिखाता है। उन्होंने कहा, "बेंगलुरु भारत की टेक कैपिटल है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ( ईवीएम बनाती है) का घर है। भारत की सिलिकॉन वैली के तौर पर दुनिया भर में मशहूर इस शहर को अब कांग्रेस शासन में पिछड़ रहा है।"उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब लोगों का भरोसा खो देती है, तो वह शक पैदा करने की कोशिश करती है, संस्थानों को कमजोर करती है, और हार की आशंका में चुनावी प्रक्रिया के नियम बदल देती है। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर पूरे देश में भरोसा किया जाता है और इसने कर्नाटक सहित कई राज्यों में कांग्रेस को जीत दिलाने में मदद की है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पारदर्शिता, तकनीक और लोगों के फैसले से डरती है।" उन्होंने कहा कि कर्नाटक प्रगति और बेंगलुरु राजनीतिक असुरक्षा के बजाय गर्व का हकदार है।
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