नयी दिल्ली , मार्च 17 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिकों को सरकार की ओर से किसी लंबित पड़े भुगतान के कारण अस्पताल में उपचार से वंचित नहीं किया जा रहा है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चिकित्सा योजना के लिए सूचीबद्ध कुछ अस्पतालों में कुछ समस्याएं आने की शिकायत मिली है जहां खातों के रखरखाव मैं पारदर्शिता का मुद्दा है।

श्रीमती सीतारमण ने वर्ष 2025 -26 के लिए पूरक अनुदान मांगों और तत्संबंधी विनियोग विधेयक पर राज्यसभा में दो दिन की चर्चा का जवाब देते हुए उसे मुद्दे पर विपक्ष के कुछ सदस्यों की ओर से उठाई गई बातें का जवाब देते हुए कहा,"मैं पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) और हमारे पूर्व सैनिकों को चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में उठाई गई चिंताओं का समाधान करना चाहती हूं। हमने आकस्मिक स्थितियों के लिए भी प्रावधान किए हैं ताकि ऐसी किसी भी आवश्यकता को पर्याप्त रूप से पूरा किया जा सके, क्योंकि यह अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।"उन्होंने कहा ''मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि पूर्व सैनिकों को लंबित भुगतानों के कारण अस्पताल में उपचार से वंचित नहीं किया जा रहा है। हालांकि, कुछ सूचीबद्ध अस्पतालों में कुछ समस्याएं सामने आई हैं जहां खातों का रखरखाव पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया है।"उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग इन मामलों को सक्रिय रूप से संबोधित कर रहा है। अस्पतालों को बिलिंग में विसंगतियों और विसंगतियों के लिए उचित स्पष्टीकरण देना आवश्यक है।

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