नयी दिल्ली , दिसंबर 12 -- केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने दो लोगों को सरकारी खजाने में एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

सीबीआई के सूत्रों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।

उन्होंने बताया कि दोषी ठहराए गए व्यक्तियों में तत्कालीन ग्राम प्रधान सत्य नारायण प्रसाद पटेल और तत्कालीन उचित मूल्य दुकानदार (कोटेदार) शाहनवाज आलम शामिल हैं। अदालत ने उन पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सीबीआई ने 2008 में बलिया जिले के नरही पुलिस स्टेशन से मामला अपने हाथ में लेकर 172 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि आरोपियों ने संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एसजीआरवाई) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेज तैयार करके सरकार को 65 लाख रुपये नकद और 45.26 लाख रुपये के अनाज का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया और खुद के लिए उसी अनुपात में लाभ कमाया।

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