कोलकाता , नवंबर 21 -- प्रवर्तन निदेशालय (पूर्व क्षेत्र ) ने अंडमान एंड निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (एएनएससीबीएल) में 500 करोड़ रुपये के कथित हवाला कारोबार मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद कुलदीप राय शर्मा (अंडमान एंड निकोबार आइलैंड) और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।
यह धोखाधड़ी कथित तौर पर श्री शर्मा के कोऑपरेटिव बैंक में अध्यक्ष रहने के दौरान हुई थी।
ईडी ने कहा कि आरोपपत्र में 39 अन्य लोगों और कंपनियों के नाम है। आरोपपत्र पोर्ट ब्लेयर की विशेष पीएमएलए अदालत में दायर कया गया है। ईडी ने आरोपपत्र में एएनएससीबीएल के महाप्रबंधक के. मुरुगन और ऋण अधिकारी के. कलैवनन, संजय लाल, संजीव लाल और अन्य के नाम भी शामिल किए हैं। ईडी ने अंडमान एंड निकोबार पुलिस की अपराध और आर्थिक अपराध शाखा द्वारा बैंक लोन मंजूर करने के लिए कथित तौर पर किए गए धोखाधड़ी में बैंक के विभिन्न संदिग्धों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की।
ईडी के अनुसार आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई शेल कंपनियाँ बनाईं और बैंक के नियमों और तय प्रक्रिया का खुलेआम उल्लंघन करते हुए उन्हें और उनकी नियमित कंपनियों को बड़े ऋण दिए। उनका मकसद सिर्फ पैसे वापस न करना था, जिससे बैंक को नुकसान हुआ और आरोपियों को उससे फायदा हुआ। जांच से पता चला है कि बैंक के तय प्रक्रिया और दिशानिर्देशों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करते हुए, अलग-अलग फर्मों और शेल कंपनियों के नाम पर 100 से ज़्यादा ऋण खातों के ज़रिए ऋण दिए गए और धोखाधड़ी/एनपीए में शामिल रकम 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा है।
ईडी ने कहा कि जांच से यह भी पता चला है कि कुलदीप राय शर्मा और दूसरों ने रिश्तेदारों और साथियों के नाम पर बनी कंपनियों के नाम पर बैंक से धोखाधड़ी से ऋण लिया। बैंक अधिकारियों ने शर्मा के कहने पर पांच प्रतिशत कमीशन के बदले संजय लाल, संजीव लाल और दूसरों को कई ऋण दिलाने में भी मदद की। कमीशन की रकम या तो कैश के रूप में या शेल कंपनियों के अकाउंट का इस्तेमाल करके साथियों के ज़रिए ली गई। ईडी ने पहले पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत जांच के दौरान शर्मा, के. मुरुगन, के. कलैवनन और संजय लाल को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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