नयी दिल्ली , जनवरी 21 -- दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को कहा कि मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्य भारत की सांस्कृतिक विविधता की आत्मा हैं।
श्री मिश्रा ने आज यहां मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा राज्य स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर कहा कि मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्य भारत की सांस्कृतिक विविधता की आत्मा हैं। इन राज्यों की लोक परंपराएँ, नृत्य और संगीत देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करते हैं। इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के साथ-साथ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य इन तीनों पूर्वोत्तर राज्यों की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना रहा है। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने तथा विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।
इस दौरान साहित्य कला परिषद् द्वारा मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा के पारंपरिक लोक नृत्य एवं लोक संगीत पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन तीनों राज्यों से आई दो-दो सांस्कृतिक टुकड़ियों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, भावपूर्ण नृत्य और लोक संगीत के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
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