नयी दिल्ली , मार्च 11 -- देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) ने राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट 2025 का आयोजन किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है।
सम्मेलन में पर्यटन और आतिथ्यय, एग्रो-फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, हैंडलूम और हस्तशिल्प, हेल्थकेयर, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट, आईटी/आईटीईएस, एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश पर विशेष जोर दिया गया।
सम्मेलन से पहले आयोजित रोड शो के माध्यम से निजी निवेशकों, सार्वजनिक उपक्रमों और बड़े औद्योगिक समूहों से करीब 4.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह प्रस्ताव एमओयू, लेटर ऑफ इंटेंट और अन्य निवेश रुचियों के रूप में सामने आए हैं।
सरकार के अनुसार, इन निवेशों से उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक क्षमता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकारें निवेशकों के साथ मिलकर इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम कर रही हैं।
सरकार ने निवेश को आसान बनाने के लिए राज्यों ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस (एकल खिड़की अनुमति), निवेश प्रोत्साहन एजेंसियां, लैंड बैंक और निवेश प्रोत्साहन योजनाएं जैसी सुविधाएं भी शुरू की हैं।
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