दीमापुर , मार्च 10 -- नागालैंड के उप मुख्यमंत्री वाई. पेटन ने दिल्ली में पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ बार-बार होने वाले नस्लीय भेदभाव और हमलों की घटनाओं पर गहरा दुख और क्षोभ व्यक्त किया है।

एक आधिकारिक बयान में श्री पेटन ने मंगलवार को इन घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सवाल किया, "हम एक-दूसरे को सबसे पहले भारतीय के रूप में देखना कब सीखेंगे?"उनकी यह प्रतिक्रिया गत आठ मार्च को नयी दिल्ली के साकेत जिला न्यायालय परिसर के पास पूर्वोत्तर की दो निवासियों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और हमले के बाद आई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, "पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव के बार-बार होने वाले उदाहरणों से मैं स्तब्ध और विचलित हूँ। पूर्वाग्रह और पक्षपात के ऐसे कृत्य न केवल आहत करने वाले हैं, बल्कि हमारे देश की एकता और समावेशिता के मूल्यों के भी खिलाफ हैं।"श्री पेटन ने कहा कि यह देखना बेहद निराशाजनक है कि व्यक्तियों के साथ उनकी उपस्थिति, जातीयता या मूल स्थान के आधार पर दुर्व्यवहार किया जाता है। उन्होंने सभी संस्कृतियों और समुदायों के प्रति समझ, सहानुभूति और सम्मान को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक भारतीय गरिमा के साथ व्यवहार का हकदार है, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।

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