भुवनेश्वर , दिसंबर 12 -- पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को काफी मजबूत करते हुए अपने पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे और उन्नत निगरानी ड्रोन तैनात किए हैं।
ईसीओआर के सूत्रों के मुताबिक इन पहलों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश (ट्रेसपासिंग) रोकना, दूर-दराज के इलाकों में बेहतर निगरानी करना तथा रेलवे संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति सीमित या न के बराबर वाले क्षेत्रों में भी निर्बाध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी तट रेलवे ने सभी तीनों मंडलों में संवेदनशील और परिचालन महत्वपूर्ण स्थानों पर सौर ऊर्जा आधारित सीसीटीवी सिस्टम लगाए हैं। वाल्टेयर रेल मंडल में ट्रेसपासिंग वाले स्थानों और रेलवे यार्डों में 113 सौर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा 115 और कैमरों की खरीद प्रक्रिया चल रही है। खुर्दारोड रोड मंडल में प्रमुख स्थानों पर छह सौर आधारित सीसीटीवी कैमरे चालू किए गए हैं और 1,027 अतिरिक्त कैमरों की खरीद जारी है। संबलपुर मंडल में रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर 46 सौर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित सीसीटीवी सिस्टमों की तैनाती से यात्रियों और आम जनता को संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा, अपराधों पर रोक, ट्रेसपासिंग की घटनाओं में कमी तथा दूरस्थ स्थानों पर प्रभावी निगरानी का बड़ा लाभ मिलेगा। ये कैमरे पीक आवर्स में भीड़ प्रबंधन, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, घटना के बाद विश्लेषण और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा में भी मदद करेंगे। जमीनी निगरानी नेटवर्क की पूरक के रूप में ईस्ट कोस्ट रेलवे ने ड्रोन के माध्यम से निगरानी क्षमता को और मजबूत किया है: वर्तमान में कुल पांच निगरानी ड्रोन परिचालन में हैं। खोरधा रोड और वाल्टेयर मंडल में 2-2 ड्रोन तथा संबलपुर मंडल में 1 ड्रोन कार्यरत है। इन ड्रोनों का उपयोग लंबी रेल पटरियों की रियल-टाइम निगरानी, दूरस्थ क्षेत्रों का निरीक्षण, रेलवे यार्डों की निगरानी, विशेष आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और विभिन्न सुरक्षा अभियानों के लिए किया जा रहा है।
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