भुवनेश्वर , अप्रैल 25 -- पूर्वी तटीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में संतुलित वित्तीय प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेलवे के प्रमुख जोनों में अपना स्थान मजबूत किया है।

रेलवे जोन ने 54.81 प्रतिशत का प्रभावी परिचालन अनुपात दर्ज कर सभी जोनों में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो लागत नियंत्रण, उत्पादकता वृद्धि और संसाधनों के बेहतर उपयोग को दर्शाता है।

आय के मामले में भी जोन ने स्थिर वृद्धि दर्ज की है। मार्च 2026 तक सकल आवंटित राजस्व 26,058.10 करोड़ रुपये रहा, जबकि मूल आय बढ़कर 32,837.67 करोड़ रुपये हो गयी, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

वित्तीय प्रबंधन में भी सुधार देखा गया है। यातायात संदेह राशि घटकर 22.86 करोड़ रुपये (0.087 प्रतिशत) रह गयी, जो पिछले वर्ष 25.04 करोड़ रुपये (0.105 प्रतिशत) थी। इससे लेखा दक्षता और पारदर्शिता में सुधार का संकेत मिलता है।

बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी जोन ने उल्लेखनीय प्रगति की है। कुल शुद्ध पूंजीगत व्यय 12,221.81 करोड़ रुपये रहा, जो संशोधित अनुदान के 100 प्रतिशत से अधिक है। सकल स्तर पर यह व्यय 6,488.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

निवेश मुख्य रूप से नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, पटरियों के नवीनीकरण, पुल निर्माण, आधुनिक सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणाली तथा यात्री सुविधाओं के उन्नयन पर केंद्रित रहा।

वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए लेखा आपत्तियों, भंडार खातों और देय बिलों के निपटान पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है।

समग्र रूप से, पूर्व तटीय रेलवे का यह प्रदर्शन दक्षता, विकास और वित्तीय अनुशासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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