मोतिहारी , अप्रैल 14 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की एक अदालत ने हेरोइन तस्करी के मामले में मंगलवार को एक अभियुक्त को 10 साल की सजा सुनाई है।

मादक एवं मनोतेजक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट ) : प्रथम : की विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने हेरोइन तस्करी के मामले में एक अभियुक्त को 10 वर्षों के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।

यह सजा रामगढ़वा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी हरिनारायण प्रसाद के पुत्र ओम कुमार को सुनाई गई है। यह मामला रामगढ़वा थाना कांड संख्या 202/2022 से संबंधित है, जो तत्कालीन थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान के बयान पर दर्ज किया गया था।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 25 जून 2022 को पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक रघुनाथपुर से मादक पदार्थ लेकर नरीरगीर चौक पहुंचने वाले हैं और वहां से बस के जरिए मुजफ्फरपुर जाने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने नरीरगीर मोड़ के पास घेराबंदी की। शाम करीब 5:10 बजे दो संदिग्ध युवक हाथ में झोला लिए पहुंचे, जिन्हें रोकने पर वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया।गिरफ्तार युवकों ने अपनी पहचान कलाम हवारी और ओम कुमार के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उनके पास से 750 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह मादक पदार्थ मो. असलम नामक व्यक्ति द्वारा दिया गया था, जिसे मुजफ्फरपुर में किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाना था।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। एनडीपीएस वाद संख्या 52/2022 के तहत सुनवाई के दौरान ओम कुमार के मामले को अलग कर विचारण किया गया।

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