मोतिहारी , दिसम्बर 29 -- बिहार में शराबबंदी है, लेकिन प्रदेश के पूर्वी चंपारण जिले में पाबंदी के बावजूद मदिरा की खपत बढ़ गयी है और हालत कह रहे है कि पुलिस डाल डाल घुमती रहती है,पियक्कड़ पात पात पीते रहते है, सरकार को भले राजस्व का चूना लगता है, लेकिन धंधेबाजों की तो लॉटरी निकल आई है।

विगत 12 महीने से भी कम समय में जिला से 42,59,607 लीटर देशी, विदेशी शराब, कच्ची शराब और स्प्रिट बरामद की गई है, जो गोपनीय मदिरा व्यापार की दास्तां बयान करती है।

बापू की कर्मस्थली चंपारण में नशे का गोरखधंधा बदस्तूर जारी है। अवैध शराब की बरामदगी होती है, धंधेबाज और पीनेवाले गिरफ़्तार होते है, लेकिन यह कारोबार "पुलिस डाल-डाल, तो पियक्कड़ और धंधेबाज पात-पात" वाले अंदाज में चलता रहता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2025 से 25 दिसम्बर 2025 तक पूर्वी चंपारण की पुलिस ने 2,02, 872 लीटर देशी, 58,524 लीटर विदेशी शराब और 5,544 लीटर स्प्रिट बरामद की है। बरामद शराब और स्प्रिट की कीमत 13.66 करोड़ आंकी गयी है। इसके अतिरिक्त मद्यनिषेद विभाग की पूर्वी चंपारण इकाई ने जिला के विभिन्न क्षेत्रों से 75,116 लीटर देशी, 9,086 लीटर विदेशी एवं 39,08,465 लीटर जावा/महुआ की कच्ची शराब बरामद की है, जिसकी कीमत भी करोड़ों में है।

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