मोतिहारी , जनवरी 28 -- पूर्वी चंपारण के दशम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 03 बृजेश कुमार ने हत्या के एक मामले में दोषी पाते हुए नामजद दो सहोदर भाइयों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को बीस-बीस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनायी है।
अर्थदंड वसूल होने पर मृतक लक्ष्मण प्रसाद की दोनों पत्नियों को आधी-आधी राशि देनी मिलेगी। वहीं अर्थदंड नहीं देने पर दोनों आरोपियों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस मामले में मेहसी थाना के परतापुर निवासी स्व. साधु भगत के पुत्र राजमोहन भगत एवं जगदीश भगत को सजा मिली है। इस घटना के बाद लक्ष्मण प्रसाद की पहली पत्नी फूलकुमारी देवी ने चकिया थाना कांड संख्या 23/1998 दर्ज कराई थी। प्रथमिकी में कहा गया था कि प्रत्येक दिन की भांति 23 फरवरी 1998 को उसके पति लक्ष्मण प्रसाद अपने ग्वास पर सोने चले गए थे। उनके पास ही उनके देवर वीरालाल प्रसाद भी सोए थे। रात्रि करीब 2.30 बजे नामजद अपराधियों ने लक्ष्मण प्रसाद के सर में गोली मार दी और भाग निकले। इस हादसे के बाद लक्ष्मण प्रसाद को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।
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