सुकमा , जनवरी 30, -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले तथा आंध्र प्रदेश पुलिस के संयुक्त अभियान 'पूना मारगेम' को बड़ी सफलता मिली है। कोंटा-किस्टाराम एरिया कमेटी में सक्रिय, कुल आठ लाख रुपये के इनामी चार माओवादी कैडरों ने आज ऑटोमैटिक हथियारों और गोला-बारूद सहित आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले कैडर गोलापल्ली लोकल आपरेशन स्क्वॉड (एलओएस) के कमांडर और पार्टी सदस्य हैं। इन्होंने एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) , एक इंसास राइफल, एक .303 और एक .315 बोर राइफल तथा कई राउंड जमा कराए। यह कार्रवाई जिला सुकमा पुलिस और आंध्र प्रदेश के अल्लूरि सीताराम राजू जिले की पुलिस के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज, सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इन कैडरों ने छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुलिस अधीक्षक चव्हाण ने शेष माओवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर पुनर्वास योजना का लाभ उठाने की अपील की।

पुलिस के अनुसार, सुदूर क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना, प्रभावी अभियानों और विकास योजनाओं की पहुंच ने माओवादियों के स्वतंत्र विचरण को सीमित कर दिया है, जिससे संगठन में मोहभंग बढ़ा है। शासन की 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।

इस अवसर पर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि माओवादी संगठन अब समाप्ति के कगार पर है और 'पूना मारगेम' अभियान विकास व सम्मान का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। उन्होंने शेष कैडरों से हिंसा छोड़कर शांति के पक्ष में आने का आह्वान किया।

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