भीलवाड़ा , दिसम्बर 14 -- राजस्थान में भीलवाड़ा जिले में आपराधिक गिरोह द्वारा अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए भीलवाड़ा पुलिस ने निशानेबाजी का विशेष अभ्यास किया।
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और अपराधियों की धरपकड़ के दौरान होने वाली मुठभेड़ से निपटने के लिए यह अभ्यास किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने रविवार को बताया कि इस अभ्यास में पुलिस के जवानों के साथ जिला विशेष दल (डीएसटी) और त्वरित प्रतिक्रया दल (क्यूआरटी) ने भाग लिया। रायफल से जवानों ने लक्ष्य पर सटीक निशाने साधने के साथ विभिन्न चुनौतीपूर्ण हालात में गोलीबारी का अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि शहर और जिले में मादक पदार्थ तस्करों एवं अन्य अपराधियों द्वारा अवैध हथियारों से गाेलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में मुठभेड़ की स्थिति बनने पर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जवानों को तैयार करना जरूरी है।
श्री सिंह ने बताया कि अभ्यास के दौरान वास्तविक परिस्थितियों का निर्माण किया गया। इसमें चलती गाड़ी से अपराधियों द्वारा गोली चालन, दूरी से गोली चलाना, भागते हुए अपराधियों पर निशाना साधना और चलती गाड़ी में गोलीबारी के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखते हुए जवाबी कार्रवाई करके वाहन के टायर को निष्क्रिय करने जैसी स्थितियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण और विशेष अभियान को ध्यान में रखते हुए क्यूआरटी और डीएसटी दलों ने गैस गन, गैस सेल और ग्रेनेड के इस्तेमाल का अभ्यास भी किया।
निशानेबाजी के अभ्यास के दौरान जवानों ने ए के 47, पिस्तौल, ब्लॉक पिस्तौल, एमपी5, एसएलआर के साथ गैस गन, गैस सेल और ग्रेनेड का उपयोग करके प्रशिक्षण लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से जवानों की दक्षता बढ़ेगी और किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित