जयपुर , दिसम्बर 14 -- राजस्थान में उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में विशेष अभियान दल (एसओजी) नेतीन प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और एक प्रशिक्षु की जगह परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थी ग्राम विकास अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने रविवार को बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक (एसओजी) परीस देशमुख के नेतृत्व में गठित दल ने राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) के रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया, जिसके बाद 10 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए। इनमें से तीन के लिखित परीक्षा दस्तावेजों पर हस्तलेख और हस्ताक्षरों का मिलान फोरेंसिंग विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से कराया गया। जिनमें स्पष्ट असमानता सामने आई, जिससे यह प्रमाणित हो गया कि तीनों ने अवैध रूप से डमी अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए प्रशिक्षु उपनिरीक्षक कुणाल चौधरी (30), निवासी झंवर जिला जोधपुर (मेरिट 234, राजसमंद), चूनाराम जाट (30) निवासी करड़ा जिला जालौर (मेरिट 251, उदयपुर) और अशोक कुमार खिलेरी (30) निवासी करड़ा, जिला जालोर (मेरिट 154, उदयपुर) हैं। इन तीनों को शनिवार को गिरफ्तार करके पुलिस हिरासत में लिया गया है।
श्री बंसल ने बताया के इसके अतिरिक्त प्रशिक्षु कुणाल चौधरी के स्थान पर लिखित परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थी अशोक कुमार खींचड़ (30) निवासी बज्जू जिला बीकानेर हाल ग्राम विकास अधिकारी बज्जू को रविवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 63 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और छह चयनित उपनिरीक्षक शामिल हैं। एसओजी वर्तमान में शेष दो प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पूछताछ कर रही है, ताकि उनके लिए परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थियों की पहचान हो सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित