नयी दिल्ली , मार्च 05 -- पुर्तगाल की संसद के उपाध्यक्ष मार्कोस पेरेस्ट्रेल्लो डी वास्कोनसेलोस के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आज संसद में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से मुलाकात की।
श्री हरिवंश ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंधों के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पुर्तगाल के सम्बंध गहरी मित्रता, आपसी सम्मान, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, ऐतिहासिक और समुद्री संबंधों तथा सांस्कृतिक और प्रवासी जुड़ाव पर आधारित हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2025 में भारत और पुर्तगाल के बीच राजनयिक सम्बंधों की पुनः स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मनाई गई। इससे यह वर्ष दोनों देशों के लिए बेहद खास बन गया।
उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ भारत की सहभागिता को बढ़ावा देने में पुर्तगाल द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। इसमें वर्ष 2000 में पहले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की मेजबानी और 2021 में पोर्टो में आयोजित पहले भारत-यूरोपीय संघ 27 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी शामिल है।
दोनों देशों के बीच राजनीतिक सहयोग के बारे में श्री हरिवंश ने कहा कि नियमित उच्च स्तरीय वार्ता और आदान-प्रदान ने कई क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग के साथ द्विपक्षीय सम्बंधों को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि 2024 में रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मोंटेनेरो के बीच हुई पहली बैठक में दीर्घकालिक सम्बंधों पर चर्चा हुई और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
श्री हरिवंश ने कहा कि दो जीवंत लोकतांत्रिक देशों के रूप में, भारत और पुर्तगाल का संसदीय आदान-प्रदान का एक लंबा इतिहास रहा है और उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संसदीय आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, विशेष रूप से संसद के युवा सदस्यों के बीच जो दोनों देशों के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि की सराहना करते हुए, श्री हरिवंश ने कहा कि भारत और पुर्तगाल ने इस दिशा में सकारात्मक रुझान दिखाया है। वस्त्र, कॉर्क, कृषि उत्पाद और मशीनरी के पारंपरिक व्यापार के अलावा, हरित और नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच रियल एस्टेट, होटल और आतिथ्य, आईटी, दूरसंचार और दवा उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्याप्त द्विपक्षीय निवेश हो रहा है।
उपसभापति ने कहा कि भारत से सांस्कृतिक और पैतृक सम्बंधों की बदौलत भारत-पुर्तगाली समुदाय दोनों देशों को जोड़ने वाले सेतु का काम करता है और द्विपक्षीय सम्बंधों को सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सदियों पुरानी साझा सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक सम्बंधों को देखते हुए भारत और पुर्तगाल को संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने का काम चलता रहना चाहिए।
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