लिस्बन , दिसंबर 11 -- आइसलैंड, आयरलैंड, स्पेन, नीदरलैंड और स्लोवेनिया के यूरोविज़न 2026 से बाहर होने के बाद पुर्तगाल के सॉन्ग सिलेक्शन कॉन्टेस्ट 'फेस्टिवल दा कैंकाओ' में 17 पुर्तगाली कलाकारों ने घोषणा की है कि अगर वे जीतते हैं तो वे भी इस आयोजन का बॉयकॉट करेंगे।
प्रतिनिधि चुनने के लिये हुए अंदरूनी मुकाबले में हिस्सा लेने वालों ने एक बयान जारी कर मुकाबले में इजरायल की विवादित भागीदारी का विरोध किया। हस्ताक्षर करने वालों में क्रिस्टीना ब्रैंको, बटेउ माटौ, रीटा डायस, जोडीजे, बीट्रिज़ ब्रॉन्ज़ (एवाया), फ्रांसिस्को फोंटेस, गोंकालो गोम्स, इनेस सूसा, जॉर्ज गोंकाल्वेस (जकारेउ), मार्क्विस, नुंका मेट्स ओ मंदारिम और पेड्रो फर्नांडीस शामिल हैं।
उन्होंने कहा, " शब्दों और गानों के ज़रिए हम उन संभावनाओं के दायरे में काम करते हैं, जो हमें दी गयी हैं। हम मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल होना स्वीकार नहीं करते। "कलाकारों ने कहा, " राजनीतिक कारणों (यूक्रेन पर हमले) से रूस को यूरोविज़न 2022 से बैन किये जाने के बावजूद, हमें यह देखकर हैरानी हुई कि इज़रायल के प्रति ऐसा रुख नहीं अपनाया गया, जो संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ कत्लेआम कर रहा है। "पुर्तगाल के ब्रॉडकास्टर आरटीपी ने कलाकारों की बातों के जवाब में एक बयान जारी कर कहा है, " बयान पर हस्ताक्षर करने वाले कलाकारों के फैसले की परवाह किये बिना, आरटीपी एक बार फिर 'फेस्टिवल दा कैन्साओ' का आयोजन करेगा और यूरोविज़न गायन प्रतियोगिता 2026 में अपनी भागीदारी की पुष्टि करता है। "यूरोविज़न जीतने वाले एकमात्र पुर्तगाली कलाकार साल्वाडोर सोब्राल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में आरटीपी के रुख की आलोचना की, जिसमें उन्होंने पुर्तगाली ब्रॉडकास्टर पर 'राजनीतिक कायरता' का आरोप लगाया।
यह गुस्सा पुर्तगाल की जनता तक भी पहुंच गया है, जिन्होंने यूरोविज़न से पुर्तगाल के तुरंत बाहर निकलने की मांग करते हुए एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है। पहले ही 22,000 से ज़्यादा लोग इस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिसमें बताया गया है कि आरटीपी का इज़रायल की भागीदारी के पक्ष में वोट 'पुर्तगाल को इतिहास के गलत छोर पर खड़ा करता है।'पिछले हफ़्ते, यूरोपीय प्रसारण यूनियन (ईबीयू) ने यूरोविज़न 2026 में इज़रायल की भागीदारी की पुष्टि की। ईबीयू की महासभा में इज़रायल की भागीदारी को लेकर कोई वोट नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप आयरलैंड, स्पेन, नीदरलैंड और स्लोवेनिया ने पुष्टि की कि वे इस आयोजन का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे। बीते रोज़ प्रसारक आरयूबी की बोर्ड मीटिंग के बाद आइसलैंड बहिष्कार में शामिल होने वाला पांचवां देश बन गया।
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