भुवनेश्वर , अप्रैल 26 -- ओड़िशा सरकार ने आगामी जुलाई में पुरी में होने वाली श्री जगन्नाथ मंदिर की प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा के लिए जोर शोर से तैयारियां शुरु कर दी है।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बताया कि रथ यात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों का निर्माण कार्य गत 20 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि काम की प्रगति पर नियमित रूप से नज़र रखने के लिए एक तकनीकी समिति बनाई गयी है। कल हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में विश्व-प्रसिद्ध रथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की गई एवं अधिकारियों ने रथों की रस्सियों की मज़बूती और टिकाऊपन सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।

बैठक में रथ खींचने के काम को सुचारू और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने पर विशेष ज़ोर दिया गया। बैठक में रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा घेरे वाले इलाके में पास अत्यधिक भीड़ होने से असुविधा को देखते हुए इस साल इसके पासों की संख्या में काफी कमी करने का प्रस्ताव रखा गया है।

उन्होंने बताया कि रथ यात्रा के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े काम अब पूरे होने के करीब हैं, जिनमें जगन्नाथ वल्लभ तीर्थयात्री केंद्र, आचार्य हरिहर चौक का पुनर्विकास, दिगाबरनी में बहु-स्तरीय पार्किंग और यात्री पार्किंग-1 शामिल हैं। गुंडिचा मंदिर के जीर्णोद्धार और मरम्मत का काम भी तेज़ी से चल रहा है, और उम्मीद है कि यह काम रथ यात्रा शुरू होने से पहले ही पूरा हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि रोशनी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा डंडे पर 50 ऊंचे खंभों वाली हाई-मास्ट लाइट्स लगाई जाएंगी। पुरी के समुद्र तट पर छह बायो-टॉयलेट ब्लॉक (जिनमें कुल 18 यूनिट होंगी) बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पुलिस शिविरों, पार्किंग ज़ोन और आम जनता की सुविधा के लिए लगभग 1,600 अस्थायी शौचालयों की भी व्यवस्था की जाएगी। भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक जल निकासी योजना भी तैयार की गई है।

ग्रैंड रोड पर अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है और उम्मीद है कि मई के आखिर तक यह पूरा हो जाएगा, ताकि रथों की आवाजाही आसानी से हो सके। पुरी नगर पालिका ने 21 पार्किंग की जगहें तय की हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अलग-अलग जगहों पर आठ अस्थायी 10-बिस्तर वाले अस्पताल बना रहा है, ताकि आपात स्थितियों से निपटा जा सके और मुख्य ज़िला अस्पताल तथा टीबी और आईडी अस्पताल पर दबाव कम हो सके।

उन्होंने बताया कि माटीटोता में पुरी-कोणार्क रोड ओवरब्रिज का काम अपने आखिरी चरण में है और उम्मीद है कि रथ यात्रा से पहले यह चालू हो जाएगा, जिससे यातायात जाम और लोगों की आवाजाही में आसानी होगी।

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