पुणे , फरवरी 24 -- महाराष्ट्र के पुणे में 'तनुश्री गर्भसंस्कार परिवार' ने 'बाई पण भारी देवा' विषय पर आधारित निःशुल्क कार्यशाला के आयोजन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्वयं से फिर से जुड़ने और अपनी आंतरिक शक्ति को फिर से खोजने में मदद करना है।
यह कार्यक्रम 1 मार्च को पुणे के न्यू सांगवी स्थित 'संस्कृति लॉन' में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने प्रेरक सत्रों, सांस्कृतिक प्रदर्शनों और जागरूकता गतिविधियों की योजना बनाई है। 'तनुश्री संस्कार साधना' के बैनर तले आयोजित इस पहल का उद्देश्य नारीत्व का सम्मान करना, महिलाओं के अस्तित्व का उत्सव मनाना और उनमें नए आत्मविश्वास तथा आत्म-विश्वास को प्रेरित करना है।
यहां मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. सुप्रिया गुगाले और डॉ. तन्वी खाबिया (गुगाले) ने कहा कि यह कार्यक्रम महिला शक्ति को सलाम करने और उनके आत्मविश्वास को नए पंख देने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा, "यह उत्सव उनके अस्तित्व का सम्मान करने, उनकी शक्ति को पहचानने और उनके आत्म-बोध को पुनर्जीवित करने के बारे में है।"डॉ. तन्वी खाबिया ने बताया कि यह 'तनुश्री स्नेहमेलवा' पहल का 13वां वर्ष है। इस वर्ष मधुरा बाचल और झेलम चौबल को 'तनुश्री जन संस्कार पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान के प्रतीक के रूप में इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल (नारियल) शामिल हैं। कार्यक्रम में अभिनेत्री शर्वरी जमेनिस के साथ-साथ कलाकार किशोर महाबोले और अश्विनी कासार के सद्भावना संदेश भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
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