पुणे , दिसंबर 29 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा ) के पुणे शहर कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप देशमुख ने सोमवार को यहां कहा कि पुणे की खोई हुई शान को वापस लाने और पिछले कुछ सालों में इसकी प्रतिष्ठा पर लगे दाग को मिटाने के संकल्प के साथ राकांपा के दोनों समूहों पुणे नगर निगम चुनाव मिलकर लड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

श्री देशमुख ने विश्वास जताया कि पुणे के मतदाता इस गठबंधन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम दोनों समूहों के नेतृत्व में आए। उन्होंने कहा कि कभी महाराष्ट्र का गौरव माना जाने वाला पुणे की छवि हाल के वर्षों में धूमिल हुई है जो कभी एक सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र, रक्षा छावनी, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का केंद्र और एक औद्योगिक शहर था। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते कंक्रीटीकरण, अपर्याप्त नागरिक सुविधाएं, बढ़ती आबादी को देखते हुए योजना की कमी और अपराध में वृद्धि् ने नागरिकों का जीवन मुश्किल बना दिया है। इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल करना और पुणे निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना राकांपा के दोनों समूहों का मुख्य उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि दिग्गज नेता शरद पवार और वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कई दशकों से पुणे के पूरे विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि लोग उनके दृष्टिकोण और प्रशासनिक क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। राकांपा गठबंधन नगर निगम चुनावों में निर्णायक जीत हासिल करने की अच्छी स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि गठबंधन के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करते समय किसी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसको लेकर बारामती हॉस्टल में एक खास कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया है। श्री मारुति किंद्रे और अधिवक्ता हरीश खारदेकर के नेतृत्व वाली टीम ने 100 से ज़्यादा उम्मीदवारों को उनके नामांकन दस्तावेज की जांच करने और उन्हें अपडेट करने में मदद की। यह पहल श्री प्रदीप देशमुख के मार्गदर्शन में की गई है।

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