पुणे , फरवरी 28 -- महाराष्ट्र में पुणे की एक अदालत ने निवेशकों को बहुत ज़्यादा रिटर्न का वादा करके धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार एक आरोपी को ज़मानत दे दी है।

अदालत ने उसे 25,000 रुपये के निजी मुचलके और दो ज़मानतदारों पर रिहा करने का आदेश दिया। आरोपी की पहचान वसुदत्त भारत दुबे के तौर पर हुई है। उसे उसके साथियों के साथ नकली सैलरी स्लिप जमा करके निवेशकों को अच्छे रिटर्न का भरोसा दिलाने और बैंक से ऋण दिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दुबे ने अपने वकील सत्यम हर्षद निंबालकर के ज़रिए ज़मानत अर्ज़ी दाखिल की थी। न्यायाधीश शिवकुमार डिगे की अदालत में याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान, बचाव पक्ष ने दलील दी कि दुबे लगभग एक साल और आठ महीने से न्यायिक हिरासत में है और आरोपपत्र दाखिल होने के बावजूद, सुनवाई में कोई खास प्रक्रिया नहीं हुई है।

अधिवक्ता निंबालकर ने कहा कि शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि उसने दुबे को 90 लाख रुपये का भुगतान किया था। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसी प्रकार यह आरोप कि दुबे ने जाली वेतन दस्तावेजों का उपयोग करके आवास ऋण प्राप्त किया, अब तक ठोस साक्ष्य नहीं दिये गये हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित