पुड्डुचेरी , अप्रैल 16 -- पुड्डुचेरी की एक अदालत ने 2003 के नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में दोषी व्यक्ति को गुरुवार को 10 साल की कैद की सजा सुनाई।

तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कोठंडारामन ने 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक चेन्नई स्थित राष्ट्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को 2003 में सूचना मिली थी कि कुछ लोग पार्सल के जरिए पुड्डुचेरी में नशीले दार्थों की तस्करी कर रहे हैं। इसी आधार पर ब्यूरो के अधिकारी पुड्डुचेरी पहुंचे और कुड्डालोर निवासी 65 वर्षीय रामदास को गिरफ्तार किया।

जांच में पता चला कि आंध्र प्रदेश से पांच करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स की तस्करी की गई थी और इसे चेन्नई, पूर्वोत्तर राज्यों और श्रीलंका भेजा जाना था।

उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और कलापेट केंद्रीय जेल में रखा गया। मुकदमे की सुनवाई तृतीय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई।

न्यायाधीश ने रामदास को नारकोटिक्स कंट्रोल एक्ट की धारा 9(क) और 25(क) के तहत पांच साल की कैद और 50 हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 27(क) के तहत दस साल की कैद और एक लाख रुपये का जुर्माना सुनाया।

उसे ये सजाएं साथ-साथ भुगतनी होंगी। चूंकि जेल में बिताए गए समय की भरपाई की जा रही है, इसलिए उसे दस साल की कैद और 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा।

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