पुडुचेरी , मार्च 27 -- पुडुचेरी में कांग्रेस ने छह बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निलंबित करके अपना संकट टालने की कोशिश की है।

पार्टी ने सहयोगी दलों को आवंटित छह सीटों (पांच द्रमुक को और एक वीसीके को) पर अपनी दावेदारी करते हुए नामांकन दाखिल करने और वापस न लेने वाले सभी छह उम्मीदवारों को पार्टी से निलंबित कर दिया।

कांग्रेस के छह उम्मीदवारों ने नाम वापसी की अंतिम तिथि गुरुवार को समाप्त होने के बाद भी नामांकन वापस नहीं लिया था। इस पर द्रमुक ने कांग्रेस को चेतावनी दी थी कि अगर कांग्रेस अपनी उम्मीदवारी नहीं वापस लेती तो तमिलनाडु की सभी 28 सीटों पर भी यही फॉर्मूला अपनाया जाएगा, जहां 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे गठबंधन में दरार पड़ गई थी और कांग्रेस, द्रमुक तथा वीसीके टकराव की राह पर थे, जिससे चुनावी संभावनाएं प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था।

तनाव कम करने और गठबंधन को बचाने के लिए कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें केवल 16 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए, जबकि सहयोगी दलों को दी गई छह सीटों पर नामांकन दाखिल करने वाले छह उम्मीदवारों को निलंबित कर दिया गया।

पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमिटी (पीसीसी) ने शुक्रवार शाम अचानक घोषणा की कि वह केवल 16 उम्मीदवारों को ही पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार मान रही है।

पीसीसी अध्यक्ष वी. वैथीलिंगम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी उन छह उम्मीदवारों को निलंबित कर रही है, जो गठबंधन सहयोगी द्रमुक और वीसीके के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। सीट बंटवारे के समझौते के अनुसार, कांग्रेस कुल 30 सीटों में से 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि द्रमुक को 14 सीटें दी गई थीं, जिनमें से एक सीट द्रमुक ने वीसीके को दे दी थी।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने तक कांग्रेस और द्रमुक के उम्मीदवारों ने सभी 30 सीटों पर नामांकन दाखिल कर दिए थे, क्योंकि उस समय सीट बंटवारे का सौदा अभी अंतिम रूप से नहीं हुआ था। बाद में समझौता होने पर द्रमुक ने अपनी 13 सीटों पर उम्मीदवार बनाए रखे और बाकी सीटों पर नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों ने कल नाम वापस ले लिए।

हालांकि, द्रमुक की चेतावनी के बावजूद कांग्रेस ने अपनी छह उम्मीदवारों को नाम वापस नहीं लिया। इनमें से केवल एक उम्मीदवार आनंदबाबू नटराजन ने नेल्लिथोपे सीट से नाम वापस लिया, जबकि बाकी पांच उम्मीदवारों ने नाम वापस नहीं लिया।

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