पुडुचेरी , मार्च 26 -- पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने गुरुवार को अपने मुख्य सहयोगी दल कांग्रेस को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसके उम्मीदवारों ने यहां छह सीटों से नामांकन वापस नहीं लिया, तो तमिलनाडु चुनाव में भी इसके गंभीर परिणाम होंगे।

द्रमुक ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में वह तमिलनाडु की उन 28 सीटों पर भी 'फ्रेंडली फाइट' (मैत्रीपूर्ण मुकाबला) का फॉर्मूला अपनाएगी जो कांग्रेस को आवंटित की गई हैं।

विवाद की जड़ पुडुचेरी की वे 14 सीटें हैं जो गठबंधन समझौते के तहत द्रमुक को मिली थीं। कांग्रेस ने गठबंधन और सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने से पहले ही समय की कमी का हवाला देते हुए अपने दावेदारों को नामांकन दाखिल करने के लिए कह दिया था। अब तकनीकी रूप से कालापेट, मंगलम, राजभवन, करैकल (दक्षिण), नेल्लीथोप और तिरुभुवननी सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में हैं और उन्होंने द्रमुक के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।

मामला तब और बिगड़ गया जब बुधवार शाम कांग्रेस समिति की पदाधिकारी डॉली शर्मा ने मीडिया से कहा कि इन छह निर्वाचन क्षेत्रों में द्रमुक और कांग्रेस के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला होगा। इस बयान से द्रमुक पदाधिकारियों में भारी रोष व्याप्त हो गया। इसका कारण यह है कि पुडुचेरी जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश में जीत का अंतर कभी-कभी 20 वोटों से भी कम होता है, ऐसे में एक ही गठबंधन के दो दलों द्वारा वोट बांटने से विपक्षी प्रतिद्वंद्वी की जीत आसान हो सकती है।

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