पीलीभीत , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बुधवार को अचानक मौसम के करवट ली और मूसलाधार बारिश हुई, जिससे खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा।
पीलीभीत जिले में पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाये हुए थे और हल्की बारिश हो रही थी। जिले बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद स्थिति गंभीर हो गई। कलीनगर तहसील क्षेत्र के किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी। बिगड़े मौसम के कारण फसल में पहले से नमी थी, और अब मूसलाधार बारिश तथा तेज हवाओं के कारण गेहूं की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है।
किसानों का कहना है कि फसल गिरने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी और पैदावार में भी भारी कमी आएगी। यह नुकसान ऐसे समय हुआ है जब किसान साल भर की मेहनत के बाद फसल कटाई की तैयारी कर रहे थे।
जिले में बिगड़ते हालात और किसानों की चिंताओं को देखते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (एसडीए ) और संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने तथा नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अतिरिक्त, नवीन मंडी स्थलों में किसानों की उपज को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, लेखपालों और कृषि विभाग की टीमों को खेतों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत पहुंचाई जा सके।
उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने किसानों से 72 घंटे के भीतर फसल क्षति की शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
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