पीलीभीत , दिसंबर 14 -- उत्तर प्रदेश में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की माला रेंज से सटे गांवों में कृषकों ने बाघों से खेतों को सुरक्षित रखने का एक नया तरीका निकला है। गन्ने की कटाई के दौरान, किसान अब सौर ऊर्जा से चलने वाले साउंड सिस्टम पर तेज आवाज में गाने बजा रहे हैं। उनका मानना है कि शोर से वन्यजीवों को खेतों से दूर रखा जा सकता है।

माला रेंज के रामनगरिया, अजीतपुर, जमुनिया, महुआ, माला घेरा, रिछोला और बसंतापुर जैसे गांवों में बाघों की आवाजाही से ग्रामीण अक्सर दहशत में रहते हैं। हाल ही में महुआ गांव में किसान भगवान दास के खेत में बाघ के ताजे पदचिह्न मिलने से किसानों की चिंता और बढ़ गई थी।

वन अधिकारी के अनुसार जमुनिया गांव के किसान कृष्ण कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खतरे से निपटने का मनोरंजन के साथ 'म्यूजिकल' तरीका विकसित किया है। कृष्ण कुमार के अनुसार, गन्ने के घने खेतों में काम करना जोखिम भरा होता है। यह मानना है शोर के आगे वन्य जीव दूर भागते है,इसलिए तेज आवाज में गाने बजाने से शोर के कारण वन्यजीव खेतों के पास आने से बचते हैं।

वन एवं वन्य जीव प्रभाग के डिप्टी रेंजर शेर सिंह ने मीडिया को बताया कि वन विभाग भी किसानों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विभाग गांव-गांव में गोष्ठियां आयोजित कर किसानों को वन्यजीवों से बचाव के सुरक्षित तरीके और सलाह दे रहा है।

वन अधिकारी के अनुसार किसानों का यह 'देशी जुगाड़' उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पीलीभीत के गन्ने के खेतों में अब काम के दौरान तेज संगीत की गूंज भी सुनाई दे रही जिससे मनोरंजन भी हो रहा है। यह इंसानों और वन्यजीवों के बीच एक सुरक्षित दूरी बनाने का एक नया और अनोखा तरीका बन गया है।

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