पीलीभीत , फरवरी 18 -- उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के हजारा थाना क्षेत्र के ग्राम चंदिया हजारा में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दवा सेवन के बाद तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दवा को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए लोगों से घबराने की अपील की है।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह ललिता और रीना की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें उल्टियां, चक्कर और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत होने लगी, जिसके बाद एम्बुलेंस से उन्हें पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। इसी गांव की एक अन्य महिला बसंत की तबीयत सोमवार को बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तीनों महिलाओं ने 13 फरवरी को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान दवा का सेवन किया था।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने बताया कि सीएचसी में भर्ती महिलाओं की हालत अब स्थिर है। उन्होंने कहा कि दवा सेवन और तबीयत बिगड़ने के बीच अंतराल को देखते हुए कारण कुछ अन्य भी हो सकता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में चल रहा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान पूरी तरह सुरक्षित दवाओं पर आधारित है। खाली पेट दवा लेने से उल्टी हो सकती है, और यदि शरीर में परजीवी मौजूद हों तो दवा के असर से हल्की प्रतिक्रिया होना सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी असुविधा की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सक्रिय रहकर मामले की जांच कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित