नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बजट 2026-27 को विकसित भारत का बजट बताया और कहा कि प्रस्तुत बजट में 12 लाख करोड रुपए से अधिक के पूंजीगत व्यय के प्रावधान और विभिन्न बुनियादी क्षेत्रों और उद्योगों के विकास को लिए की घोषणाओं से उद्योग और व्यापार को लाभ पहुंचेगा। श्री गोयल ने ऐसी घोषणाओं की सूची के साथ टैक्स पर अपने पोस्ट में कहा," ये विकास भारत बजट में उद्योग और व्यापार को लाभ पहुंचाने वाली प्रमुख घोषणाएं हैं। इस सूची में उन्होंने 12.2 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय आवंटन, भारतीय बौद्धिक संपदा अधिकारों को डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0,इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए 40,000 करोड़ रुपए तक के परिव्यय, 10,000 करोड़ का लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कोष तथा आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की घोषणा का उल्लेख किया है।
उन्होंने इसी क्रम में कंटेनर निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन, ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए शी-मार्ट योजना, शहर आर्थिक क्षेत्र (सीपीआर): 5 वर्षों में प्रति सीईआर 5000 करोड़ रुपए के परिव्यय, 200 पुराने औद्योगिक समूहों को पुनर्जीवित करने की योजना,भारत से डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक कर छूट, बायोफार्मा शक्ति योजना: अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपए, कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज के लिए 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपए, , श्रम प्रधान वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम, राज्यों को 3 समर्पित रासायनिक पार्कों के लिए सहायता, विकास को बढ़ावा देने वाले 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप, 15000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में वीडियो और गेमिंग कंटेंट क्रिएटर लैब तथा मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की योजना कभी उल्लेख किया है।
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