चंडीगढ़ , अप्रैल 08 -- हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आवंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गयी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
मंत्रिमंडल ने 'हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) संशोधन आदेश, 2026'को स्वीकृति दी, जो 2022 के मौजूदा आदेश में संशोधन करेगा। नये प्रावधानों का उद्देश्य दुकानों के आवंटन और संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाना है।
संशोधित नियमों के तहत, लाइसेंस के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10 प्लस 2 और कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान अनिवार्य किया गया है। आवेदकों की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होगी तथा 'परिवार पहचान पत्र' और संबंधित क्षेत्र का निवासी होना जरूरी होगा। सरकारी कर्मचारी, मौजूदा लाइसेंस धारक, उनके परिजन और निर्वाचित प्रतिनिधि आवेदन के पात्र नहीं होंगे।
रोस्टर प्रणाली के तहत हर तीसरा लाइसेंस महिलाओं को दिया जाएगा। इसमें एसिड अटैक पीड़ित, स्वयं सहायता समूह, विधवा, तलाकशुदा/एकल महिलाएं और विभिन्न वर्गों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
पूरी प्रक्रिया को 'सरल' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही, उपायुक्त के फैसलों के खिलाफ 30 दिनों के भीतर मंडलायुक्त के समक्ष पुनरीक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
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