लखनऊ , दिसंबर 24 -- उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने शीतकालीन सत्र के चौथे दिन बुधवार को अपने वक्तव्य में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है और समर्थ और समृद्ध उत्तर प्रदेश की परिकल्पना साकार हो रही है।

श्री मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों सहित समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास को समर्पित है।

उप मुख्यमंत्री ने सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि आरक्षण के मामले में सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं एक पद भी है, तो वहां भी आरक्षण की कोई चोरी नहीं होने दी जाएगी। नौकरियों के विज्ञापनों के प्रकाशन में नियमानुसार आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

श्री मौर्य ने कहा कि संविधान भी सुरक्षित है और आरक्षण भी सुरक्षित है। पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए दो प्रतिशत तथा आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है, और इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि पीठ के निर्देशों का सभी सम्मानित सदस्यों को पालन करना चाहिए, यही लोकतंत्र की मर्यादा है। देश संविधान से चलता है और संविधान ने हम सबको अधिकार दिए हैं। सदन नियमों से संचालित होता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित