ग्वालियर , जनवरी 16 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में एक नया फर्जीवाड़ा आर्थिक अपराध एवं अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने पकड़ा है।

इसके तहत प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में समाज के कमजोर एवं गरीब लोगों को मृत एवं मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर शासन को करोड़ों रूपये की आर्थिक क्षति दी जा रही थी। ईओडब्ल्यू पुलिस ने इस मामले में यूनियन बैंक आफ इंडिया श्योपुर ब्रांच, नगर निगम ग्वालियर के जीवन मृत्यु शाखा के कर्मचारी दीपमाला मिश्रा, जिग्नेश प्रजापति, नवीन मित्तल एवं पूजा कुमारी सहित कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318, 319, 336, 338, 340 व 61 2 का अपराध पंजीबद्ध किया है।

ईओडब्ल्यू ग्वालियर रेंज के पुलिस अधीक्षक दिलीप तोमर के मुताबिक पुलिस को जानकारी मिली थी कि प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में जीवित व्यक्तियों को मृत व मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर उनके कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर बीमा राशि निकालकर शासन को करोड़ों रूपये की आर्थिक क्षति दी जा रही हैं। इसकी शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू पुलिस ने जांच की तो मामला सामने आया। ईओडब्ल्यू पुलिस ने जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 तक की अवधि को प्रारंभिक तौर पर जांच शामिल में ग्वालियर चंबल संभाग में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत बीमा कर रही 8 बीमा कंपनियों जिनमे न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, स्टार यूनियनडाई इचीलाईफ इंश्योरेंस सुड, भारतीय एक्सा लाईफ इंश्योरेंस कंपनी, एक्सिस मैक्स लाईफ इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी, एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस कंपनी, एलआईसी आफ इंडिया ने क्लेम भुगतान किया गया हैं।

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