पटना , फरवरी 16 -- बिहार विधान परिषद में सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के मासिक भत्ता को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सौरभ कुमार के तारांकित प्रश्न के जवाब में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नियत भत्ता का भुगतान सरकारी ऑनलाइन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से छमाही आधार पर सीधे बैंक खातों में किया जाता है।
मंत्री श्री प्रकाश ने बताया कि अरवल, बक्सर और शेखपुरा को छोड़कर शेष सभी जिलों में अक्टूबर, 2025 तक के भत्ते का भुगतान किया जा चुका है। तृतीय चौमाही में लंबित और नियमित मासिक भत्ते के भुगतान के लिये फरवरी, 2026 तक की अवधि के लिये और पूर्व के बकाया भुगतान के लिये विभागीय स्वीकृति आदेश के तहत 185 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिये लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि राज्य में वैशाली के देसरी और नालंदा के चंडी में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं। इन केंद्रों पर फलों और सब्जियों के उन्नत उत्पादन के साथ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाता है।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि देसरी सेंटर में वर्ष 2023- 24 में 2,763 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2024- 25 में यह संख्या बढ़कर 9,830 हो गई, जबकि 2025- 26 में अब तक 65 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं चंडी सेंटर में 2023- 24 में 2,464, वर्ष 2024- 25 में 1,355 और 2025- 26 में अब तक 1,548 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
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