नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने पेंशन निधियों के पंजीकरण के लिए मंगलवार को दिशा-निर्देश जारी किये।

इसमें कहा गया है कि पेंशन निधियों का पंजीकरण दो चरणों में होगा। पहले चरण में योग्य प्रायोजक इसके लिए आवेदन करेंगे जिसके आधार पर उनका चयन किया जायेगा। दूसरे चरण में वे उनके द्वारा प्रस्तावित पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करेंगे।

प्रायोजक कंपनी के लिए अपनी कुल चुकता पूंजी का कम से कम 20 प्रतिशत उस पेंशन कोष में रखना अनिवार्य होगा जिसकी स्थापना वे करेंगे। संयुक्त उपक्रम भी इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।

आवेदन शुल्क 10 लाख रुपये रखा गया है जिस पर कर तथा अन्य शुल्क अलग से देना होगा।

आवेदन करने के लिए अर्हता के तहत फंड प्रबंधन (इक्विटी और डेट) में कम से कम पांच साल के अनुभव और पिछले पांच वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये के नेटवर्थ और आवेदन की तिथि पर 25 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी की अर्हता रखी गयी है। उसका रिजर्व बैंक, सेबी या भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण से द्वारा विनियमित वित्तीय संस्थान होना अनिवार्य होगा।

दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पिछले पांच वित्त वर्ष में से कम से कम तीन में प्रायोजक को कर बाद मुनाफा हुआ हो और इस दौरान कभी भी नकदी का नुकसान न हुआ हो। उस कंपनी द्वारा प्रबंधित औसत परिसंपत्ति पिछले 12 महीने में कम से कम 50 हजार करोड़ रुपये होने की भी शर्त है।

पेंशन फंड शुरू करने के लिए वाणिज्यिक बैंक भी आवेदन कर सकते हैं। उनके मामले में खुद 20 प्रतिशत निवेश की शर्त लागू नहीं होगी। उनका न्यूनतम बाजार पूंजीकरण एक लाख करोड़ रुपये और कुल परिसंपत्ति पांच लाख करोड़ रुपये होनी चाहिये। पिछले तीन वित्त वर्षों में उसे लगातार मुनाफा हुआ हो और उसकी शुद्ध एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) का अनुपात चार प्रतिशत से अधिक न हो।

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