पिथौरागढ़ , अप्रैल 18 -- उत्तराखंड में सीमा से सटे पिथौरागढ़ शहर में हर साल मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

सिंचाई विभाग ने पिथौरागढ़ शहरी क्षेत्र के लिए 45.79 करोड़ रुपये की लागत से एक व्यापक मास्टर ड्रैनेज प्लान तैयार किया है, जिसकी समीक्षा जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में की गई।

बैठक में बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करना, नालों में रुकावट की समस्या को खत्म करना और मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों का स्थायी समाधान करना है। योजना का क्रियान्वयन सिंचाई खंड पिथौरागढ़ द्वारा किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ नगर का क्षेत्रफल लगभग 13.50 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें नगर परिषद, नोटिफाइड एरिया और कैंट क्षेत्र शामिल हैं। पहाड़ी भूभाग होने के कारण आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी भी शहर में प्रवेश करता है।

इसके अलावा प्राकृतिक नालों का कच्चा होना, उनमें मलबा और झाड़ियां जमा होना, अतिक्रमण तथा अनियोजित निर्माण गतिविधियां जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। यही कारण है कि हर मानसून में कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।

मास्टर प्लान के तहत शहर को दो प्रमुख जोनों-बजेती और रई-में विभाजित किया गया है। इन दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और जल प्रवाह के आधार पर अलग-अलग ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किए गए हैं।

योजना में भूमि अर्जन, विद्युत लाइनों के स्थानांतरण और जल संस्थान से जुड़े कार्यों के लिए भी अलग प्रावधान किया गया है।

योजना के अंतर्गत कुल 16.77 किलोमीटर लंबाई में 28 नालों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आरसीसी बॉक्स ड्रेन, अधिक जल प्रवाह वाले इलाकों में ट्रेपेजॉइडल ड्रेन और कम आबादी वाले क्षेत्रों में सीसी बेस युक्त ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।

यह मास्टर ड्रेनेज प्लान वर्ष 2046 तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके डिजाइन में आधुनिक सॉफ्टवेयर, सीवर जेम्स और आर्क जीआईएस मैपिंग तकनीक का उपयोग किया गया है।

वर्षा जल प्रवाह का आकलन वैज्ञानिक पद्धति से किया गया है, ताकि भविष्य में बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के अनुरूप पर्याप्त क्षमता वाला सिस्टम विकसित किया जा सके।

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