कोलकाता , मार्च 29 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पांच साल पहले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अपने पैर में लगी चोट की याद दिलाते हुए रविवार को आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव अभियान के दौरान उन्हें फिर से शारीरिक नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा सकती है।
सुश्री बनर्जी ने पुरुलिया के मानबाजार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "पिछली बार (2021 के) चुनावों के दौरान आपने जानबूझकर मेरे पैर में चोट पहुँचाई थी। क्या आप फिर से मुझ पर हमला करने की योजना बना रहे हैं?" उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस तरह के बयान एक संभावित साजिश का संकेत देते हैं।
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने अपनी चोट और पट्टी (बैंडेज) के इस्तेमाल पर हो रही आलोचनाओं का भी जवाब दिया और कहा कि उनकी चिकित्सीय स्थिति वास्तविक थी। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा, "वे कहते हैं कि मैं पट्टी बांधकर घूमती हूँ। जाकर डॉक्टर की रिपोर्ट देखें।"भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा राजनीतिक हमला करते हुए सुश्री बनर्जी ने उसे 'बंगाल विरोधी' बताया और राज्य में उसके इरादों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, "बंगाल पर कब्जा करने की इतनी हताशा क्यों है?"मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी पार्टी न केवल राज्य में सत्ता बरकरार रखेगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, "हम बंगाल जीतने के बाद सभी दलों को एकजुट करेंगे और दिल्ली की ओर बढ़ेंगे।"सुश्री बनर्जी ने अपनी सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' और 'युवाश्री' जैसी कल्याणकारी योजनाओं का बचाव किया। उन्होंने सभा को बताया कि जब तक तृणमूल कांग्रेस सत्ता में रहेगी, लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया, "अगर भाजपा आती है, तो वे आपको एक दिन के लिए पैसा देंगे और फिर इसे बंद कर देंगे।"युवाश्री योजना पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वित्तीय सहायता कोई दान नहीं है बल्कि बेरोजगार युवाओं के लिए तब तक का समर्थन है जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती। उन्होंने कहा, "यह भीख नहीं है। यह उनके गुजारे के लिए पॉकेट मनी की तरह है।"भाजपा के शासन रिकॉर्ड पर निशाना साधते हुए सुश्री बनर्जी ने दावा किया कि उनके शासन में लोगों को अपने खान-पान पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों पर महिलाओं और आदिवासी समुदायों की रक्षा करने में विफल रहने का भी आरोप लगाया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित