जयपुर , मई 02 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को अयोग्य ठहराने संबंधी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है।

अदालत ने कहा कि यह मामला अब "सारहीन" हो चुका है और पहले दिए गए फैसले पर नए सिरे से सुनवाई नहीं की जा सकती।

मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि याचिका में ऐसे कोई नए तथ्य या कानूनी आधार प्रस्तुत नहीं किए गए, जिनके आधार पर पुराने आदेश की समीक्षा की जाए। अदालत ने माना कि मूल विवाद समय के साथ अप्रासंगिक हो चुका है, इसलिए पुनिर्वचार याचिका स्वीकार करने का कोई औचित्य नहीं बनता।

यह मामला वर्ष 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा था, जब कांग्रेस में अंदरूनी संकट के दौरान तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नोटिस जारी किए गए थे। इसके खिलाफ विधायकों ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। बाद में अदालत ने राहत देते हुए कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

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