भोपाल , मार्च 19 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान सनातन संस्कृति की पवित्र धारा से जुड़ा जन-अभियान है, जिसका उद्देश्य जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करना है। उन्होंने गुड़ी पड़वा के अवसर पर तीसरे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया।

उन्होंने बताया कि यह अभियान गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिनों तक प्रदेशभर में संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत से जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने जल के अपव्यय को रोकने और जल संचय को बढ़ावा देने के लिए उपस्थित जनसमूह को शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का उद्गम स्थल है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत बिलावली, लिम्बोदी और छोटा सिरपुर तालाबों के जीर्णोद्धार कार्यों का भूमि-पूजन कर लगभग 22 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।

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