नयी दिल्ली , नवंबर 18 -- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल ने जल प्रबंधन और संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के कार्यों को उल्लेखनीय बताते हुए कहा है कि इससे जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढेगी और हम आने वाली पीढियों के लिए जल को संरक्षित कर सकेंगे।
श्री पाटिल ने मंगलवार को यहां विज्ञान भवन में छठे जल पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए जल क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर कर जल संरक्षण के विजेताओं के प्रयासों की सरहाना की और पुरस्कार विजेताओं का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि इन पुरस्कारों ने जल संचयन के क्षेत्र में गहरा प्रभाव डाला है और जल क्षेत्र में काम करने वालों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धी के माहौल को बढ़ावा देने का काम किया है।
उन्होंने महाराष्ट्र के बनासकांठा जिले में सरकार से किसी तरह से वित्त सहायता लिए बिना जनता द्वारा किए गए जल संरक्षण प्रयासों को उल्लेखनीय बताया और कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र में सफल जल संरक्षण और प्रबंधन का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।
श्री पाटिल ने सरकार के 'जल समृद्ध भारत' के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में देश भर में विभिन्न हितधारकों द्वारा किए गए कार्यों और उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि 'जल समृद्ध भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न हितधारकों द्वारा किए गए अच्छे काम और प्रयासों को मान्यता देने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार की नीति बनाई है।
जल क्षेत्र में सबसे बेहतर राज्य का पुरस्कार तेलंगाना को दिया जबकि छत्तीगए तथा राजस्थान को इस क्रम में दूसरा और तीसरा स्थान हासिल हुआ। नगर निगम में क्षेत्र का प्रथम पुरसकार आंध्र प्रदेश की राजमुंदड़ी नगर निगम को दिया गया जबकि उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद नगर निगम और गुजरात में सूरत नगर निगम पहले स्थान पर रहे। सर्वश्रेष्ठ एनजीओ का पुरस्कार जलतारा ग्राउंडवाटर, गिरगंगा परिवार तथा आर्ट ऑफ लिविंग को मिला है।
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