पटना , अप्रैल 11 -- बिहार के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने शनिवार को कहा कि महिला रोजगार के रूप में दीदी की रसोई की शुरुआत बिहार से हुई है, जहां गुणवत्तापूर्ण और सस्ते भोजन-नाश्ते की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

मंत्री श्री कुमार ने आज पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना में अन्नपूर्णा जीविका दीदी की रसोई (विश्वविद्यालय कैंटीन) के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और दर को देखते हुए लगातार दीदी की रसोई की डिमांड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य में मांग के अनुसार दीदी की रसोई का तेजी से विस्तार किया जाएगा।

श्री कुमार ने कहा कि इस रसोई के संचालन से करीब 500 से अधिक छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को सस्ते दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन और नाश्ता मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने जबसे जीविका समूह का गठन किया है, तबसे 11 लाख 67 हजार से अधिक समूह बने हैं और एक करोड़ 50 लाख से अधिक परिवार को जोड़ा गया है। एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि दी गई है। शहरी क्षेत्र में 18 लाख से अधिक परिवार हैं, जिन्हें 10-10 हजार रुपए दिया जाना है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं रोजगार शुरू कर चुकी हैं उन्हें दूसरे चरण के तहत 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि इसी महीने में दी जाएगी।

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