नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- श्रीलंका की आर्थिक तंगी के बाद की स्थितियों पर बनी वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) 'डेमोक्रेसी इन डेट: श्रीलंका बियॉन्ड द हेडलाइंस' को इस वर्ष भारत में दो पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।

पाकिस्तानी पत्रकार एवं फिल्म निर्माता बीना सरवर तथा श्रीलंकाई इतिहासकार एवं फिल्म निर्माता डॉ. सिंहाराजा तम्मिटा डेलगोडा द्वारा निर्मित इस फिल्म को दूसरे जलगांव अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में 'सर्वश्रेष्ठ सामाजिक फिल्म' और 'सर्वश्रेष्ठ पटकथा' पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

देश के आर्थिक पतन के बाद 2024 में श्रीलंका में शूट की गई यह फिल्म उत्तर मध्य प्रांत के एक सुदूर गांव में किसानों और शिक्षकों के संघर्ष को उजागर करती है। इसमें राजधानी कोलंबो में नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और तत्कालीन प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण भी शामिल हैं।

फिल्म को पहली बार श्रीलंका के वेलीगामा में बारबेरिन आयुर्वेद रिसॉर्ट में प्रदर्शित किया गया था और जुलाई 2024 में कोलंबो के एक सिनेमाघर में फैक्टम इंटरनेशनल के आयोजन में इसका आधिकारिक प्रीमियर हुआ था। प्रीमियर में राजदूतों, राजनीतिक हस्तियों, पत्रकारों, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक हस्तियों और सेवानिवृत्त सैनिकों ने भाग लिया था। वृत्तचित्र को 25 देशों में 80 से अधिक स्क्रीनिंग में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें अमेरिका के विभिन्न शहरों के साथ-साथ इसे दक्षिण एशिया में कराची, लाहौर, जयपुर, नयी दिल्ली, हैदराबाद, ढाका और काठमांडू सहित अन्य शहरों में भी प्रदर्शित किया गया है।

'साउथएशिया पीस एक्शन नेटवर्क' और 'सापन न्यूज' के तहत बनी यह पहली फिल्म है तथा इसे पुलित्जर सेंटर से भी समर्थन प्राप्त हुआ है। इसे शोधकर्ता उदिता देवप्रिया ने भी अपना सहयोग दिया है।

जलगांव अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में इस वर्ष 75 देशों से 2,500 से अधिक फिल्मों ने हिस्सा लिया है। 'डेमोक्रेसी इन डेट: श्रीलंका बियॉन्ड द हेडलाइंस' भारत, ईरान, मिस्र, पुर्तगाल और नीदरलैंड के जूरी द्वारा पुरस्कारों के लिए चुनी गई 250 फिल्मों में शामिल है।

पुरस्कार समारोह एक मार्च को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों अजंता और एलोरा के पास अब्दुल कलाम आज़ाद अनुसंधान केंद्र में आयोजित किया जाएगा।

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