टिहरी , अप्रैल 27 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्यों को गति देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन मे बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला एवं विकासखंड स्तर पर समितियों के गठन और कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित इस मिशन का उद्देश्य देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना है। इसके अंतर्गत ताड़पत्र, दुर्लभ पांडुलिपियां और अभिलेखों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक यह विरासत पहुंच सके।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य "ज्ञान भारतम् एप" के माध्यम से किया जाएगा, जो गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण कार्य संबंधित संग्रहकर्ता की सहमति से ही होगा और पांडुलिपियों का स्वामित्व भी उन्हीं के पास सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों को इस ऐप की जानकारी दें तथा ग्राम स्तर पर नोडल व्यक्तियों का चयन कर पांडुलिपियों का चिन्हांकन और सूची तैयार कराएं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि हर 15 दिन में सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा की जाएगी और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर भेजी जाएगी, ताकि अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में डीडीओ मो. असलम, डीटीडीओ सोबत राणा, ईओ टिहरी वासुदेव डंगवाल सहित सभी खंड विकास अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।
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