पटना, अप्रैल 10 -- पटना के जिला पदाधिकारी डॉ एस. एम.त्यागराजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को ज्ञान भारतम् मिशन" के अंतर्गत पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में "ज्ञान भारतम् मिशन" के अंतर्गत पटना जिला के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों व व्यक्तियों आदि के पास उपलब्ध कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़े आदि में हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटलॉगिग, संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य किया जाना हैं। इसके प्रथम चरण में सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है, जिसमें पांडुलिपियों को चिह्नित कर ज्ञान भारतम् मिशन ऐप में अपलोड किया जाना है।
पांडुलिपियों का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु आदि पर हाथ से लिखे गए ग्रन्थ जो न्यूनतम 75 वर्ष प्राचीन हों एवं जिसका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व हो, से है। इसके लिए जिला स्तर पर कमिटी का गठन किया गया है।
जिला स्तरीय कमिटी के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है वे सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठ मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा निजी व्यक्तियों के पास उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, सूचीकरण एवं डिजिटाइजेशन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कॉलेजों के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष एवं विभिन्न संस्थानों के संबंधित प्रतिनिधिगण भी शामिल थे।
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