चेन्नई , अप्रैल 08 -- अभिनेता से राजनेता बने विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) के सलेम जिले के एडप्पाडी निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी के नामांकन पत्र जांच के दौरान सही नहीं पाये जाने के कारण उन्हें खारिज कर दिया गया है। पार्टी ने अपना उम्मीदवार अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी के खिलाफ उतारा था।

विजय की पार्टी 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार मैदान में है और यह पार्टी के लिये एक बड़ा झटका है। मंगलवार को एडप्पाडी कस्बे के तालुक कार्यालय में जांच के लिए जमा हुए सैकड़ों टीवीके समर्थकों को उस समय निराशा हाथ लगी जब पार्टी उम्मीदवार एम अरुण कुमार के साथ-साथ उनके स्थान पर आए उम्मीदवार (जिन्हें चुनाव की भाषा में डमी उम्मीदवार कहा जाता है) के कागजात खारिज कर दिए गए।

अरुण कुमार के आने के कुछ ही समय बाद मोबाइल फोन बंद रहने के कारण उनके लापता होने की आशंका से अफरा-तफरी मच गई और टीवीके कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए कि पार्टी के उम्मीदवार का अपहरण कर लिया गया है। पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और लापता उम्मीदवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन देने के बाद स्थिति सामान्य हुई।

सत्ताधारी द्रमुक और टीवीके दोनों ने पूर्व मुख्यमंत्री को चुनौती देने के लिए नए उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने 2011 से लगातार तीन बार एडप्पाडी से जीत दर्ज की है। श्री पलानीस्वामी 1998 में अन्नाद्रमुक के पूर्व लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं और अपने गढ़ एडप्पाडी से चुनाव लड़ रहे हैं जहां से उन्होंने 1989 से आठ बार चुनाव लड़ा है और पांच बार निर्वाचित हुए हैं। अब वे 2011, 2016 और 2021 में अपनी जीत के बाद विधानसभा में लगातार चौथी बार जीत के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

हालांकि, टीवीके के किसी अन्य कार्यकर्ता ने डमी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है या नहीं यह नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल को ही पता चलेगा लेकिन टीवीके के चुनाव मैदान में न होने से एडप्पाडी में मुकाबला वस्तुतः सत्ताधारी द्रमुक और विपक्ष अन्नाद्रमुक के बीच सीधा टकराव बन जाएगा।

द्रमुक के सी. कासी के नामांकन पत्र को उनके हस्ताक्षर में विसंगति के कारण कुछ समय के लिए रोक दिया गया था और पूर्व मंत्री टीएम सेल्वगनापति के हस्तक्षेप के बाद स्वीकार किया गया, वहीं टीवीके इस निर्वाचन क्षेत्र में बिना किसी उम्मीदवार के रह गई है जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है और उसकी संगठनात्मक कमजोरी उजागर हुई है।

श्री कुमार के नामांकन पत्र खारिज करने का कारण बताते हुए रिटर्निंग ऑफिसर पी नटराजन ने कहा कि गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रस्तावक होने चाहिए जबकि टीवीके के उम्मीदवार के पास केवल सात प्रस्तावक थे। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के वैकल्पिक उम्मीदवार के साथ भी यही समस्या थी।

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